उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णनन और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित तेल पाईप लाइन पर विचार- विमर्श किया
उपराष्ट्रपति सी.पी.राधाकृष्णनन और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित तेल पाईप लाइन पर विचार- विमर्श किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कोलंबो में बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत में त्रिकोंमाली में ऊर्जा केन्द्र परियोजना और गैस पाइपलाइन लिंक के प्रस्ताव पर विचार हुआ।
उपराष्ट्रपति ने भारत की ओर से चल रही पहलों का जिक्र किया साथ ही उन प्रस्तावों का उल्लेख किया जिन पर दोनों देशों के बीच पहले से ही चर्चा हो चुकी है। इनमें त्रिंकोमाली में ऊर्जा केन्द्र से संबंधित परियोजना और भारत और श्रीलंका को तेल पाइप लाइन के माध्यम से जोड़ने का प्रस्ताव उल्लेखनीय है। यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब पूरी दुनिया और विशेष रूप से यह क्षेत्र पश्चिम एशिया की स्थिति से उत्पन्न ऊर्जा संकट के दुष्परिणामों का सामना कर रहा है।
विक्रम मिसरी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने, आवासीय परियोजना और मछुआरों के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और द्विपक्षीय विकास सहयोग पर बल दिया।
उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज श्रीलंका के मध्य प्रांत में स्थित नुवारा एलिया की यात्रा करेंगे, जहां जमीनी स्तर पर जुड़ाव दिखाई देगा। भारत के कल्याण और दीर्घकालिक सामाजिक–आर्थिक प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन भारतीय आवास परियोजना स्थलों पर रहने वाले भारतीय मूल के तमिल समुदाय के सदस्यों से सीधा संवाद करेंगे। संदेश स्पष्ट है भारत और श्रीलंका के बीच साझेदारी केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों से सीधे जुड़ाव के माध्यम से और मजबूत हो रही है।





