उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार छह वर्ष बाद फिर शुरू होने जा रहा है। कल 26 भारतीय व्यापारियों का पहला दल तिब्बत क्षेत्र में प्रवेश करेगा। इस दल में 17 व्यापारी और 9 सहायक शामिल हैं।
धारचूला के उप-जिलाधिकारी और व्यापार अधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि व्यापार को सुगम बनाने के लिए गुंजी में सीमा शुल्क कार्यालय खोला गया है। व्यापारियों ने अपना सामान पहले ही लिपुलेख दर्रे के निकट स्थित गोदामों में पहुंचा दिया है।
प्रशासन को 103 से अधिक व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं और जल्द ही 25 व्यापारियों के दूसरे दल को भी व्यापार पास जारी किए जाएंगे। सामान ढुलाई के लिए नाभीढांग के पास खच्चरों और घोड़ों की व्यवस्था की गई है।
भारत-चीन सीमा व्यापार वर्ष 1991 में पुनः शुरू हुआ था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 में इसे स्थगित कर दिया गया था। छह वर्ष बाद व्यापार बहाल होने से सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज सुश्रुत जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय…
उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सेवा मानकों को बढ़ावा देने और नियामक ढांचे को मजबूत करने…
होर्मुज जलडमरूमध्य में दो व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते समुद्री…
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले व्यापारिक जहाज़ों पर ईरान के हालिया हमलों के जवाब में…
भारत ने इंग्लैंड को पहले एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में छह विकेट से हरा दिया…