भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों के साथ हुए अपराधों पर सजा सुनिश्चित करने की मांग की है। भारत ने कहा है कि शांति रक्षा मिशनों की सफलता के लिए जवाबदेही तय करना रणनीतिक रूप से आवश्यक है।
संयुक्त राष्ट्र ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स की एक उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि शांति रक्षकों को खतरनाक इलाकों में सेवा देते हुए गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके साथ होने वाले अधिकांश अपराधों के लिए सजा सुनिश्चित नहीं हो पाती। पिछले 70 वर्षों में भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के लिए तीन लाख से अधिक शांति रक्षक भेजे हैं। इस मिशन के लिए भारत का योगदान सबसे बड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ चर्चा की। बातचीत के…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 मार्च 2026 को सीवर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में रायसीना संवाद के 11वें संस्करण का शुभारंभ…
पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों को मजबूत करने की दिशा…
फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से…
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज भारत की अग्रणी खेल पहल, विश्व की…