भारत ने ठोस रॉकेट मोटर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा दस टन प्रोपेलेंट मिक्सर विकसित किया है। इस उन्नत प्रणाली का डिजाइन और निर्माण करके इसरो न केवल अपनी तकनीकी विशेषज्ञता को प्रदर्शित करता है, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत स्पेस” पहल के तहत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करता है। इसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र ने बेंगलुरु में केंद्रीय विनिर्माण प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से तैयार किया है।
इसरो ने फिर एक बार हमारे देश का सम्मान बढाने का काम किया है। राकेट से लेकर उपग्रह तक और लॉन्च पैड से लेकर नौका मरूक प्रवेश अनुसंधान तक, इसरो ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 10 टन सामर्थय वाला वर्टिकल मिक्सर का उत्पादन देश में ही बनाकर उन्होंने दिखा दिया है। इस यंत्र को रिमोट द्वारा चलाया जा सकेगा। रॉकेट ईंधन बनाना इससे काफी आसान सम्भव हो पाएगा। इसके विशालकाया की वजह से रॉकेट ईंधन बनने में भी तेजी आएगी और जितने प्रमाण में मिक्सिंग की जरूरत है, उसी प्रमाण में प्रोपेलेंट उपलब्ध हो पाएगा।
देश के सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर अक्टूबर में बढ़कर 4 महीने के उच्चतम स्तर…
नीति आयोग और ड्यूश गेसेलशाफ्ट एफयूआर इंटरनेशनेल जुसामेनरबीट (जीआईजेड) जीएमबीएच ने 3 नवंबर 2026 को…
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 से…
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष पॉक्सो न्यायालयों सहित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों…
संगठनात्मक आवश्यकताओं और कार्यकारी/सामरिक दक्षता के उद्देश्य से किए गए एक वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन से यह…
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने आज 'नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म' का शुभारंभ किया है। यह…