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संयुक्त राष्ट्र में ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान के झूठे बयान को भारत ने किया खारिज

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर पर उसके झूठे बयान को आज खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि उसके आंतरिक मामलों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्‍तान को कोई अधिकार नहीं है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कड़े शब्दों में भारत ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का सरकारी नीति के एक साधन के रूप में लगातार इस्तेमाल अस्‍वीकार्य है।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद में अंतर्राष्ट्रीय विधि के शासन की पुष्टि: शांति, न्याय और बहुपक्षवाद को पुनर्जीवित करने के मार्ग विषय पर हुई खुली बहस के दौरान पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद की टिप्पणियों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

पी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान का एकमात्र उद्देश्य भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि सुरक्षा परिषद आतंकवाद को वैधता प्रदान करने का मंच नहीं बन सकती।

पी हरीश ने कहा कि पाकिस्तान के राजदूत ने ऑपरेशन सिंदूर का झूठा और स्वार्थपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया है, जिसे भारत ने पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्‍जे वाले जम्‍मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया था। उन्होंने याद दिलाया कि सुरक्षा परिषद ने स्वयं एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की थी और अपराधियों, षडयंत्रकारियों, प्रायोजकों और वित्‍तीय सहायता मुहैया कराने वाले को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर बल दिया था।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी.हरीश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर संयमित और ज़िम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई थी जिसका एकमात्र उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना और आतंकवादियों को निष्क्रिय करना था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 9 मई तक और हमले करने की धमकी जारी रखी, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने सीधे भारतीय सैन्य अधिकारियों से संपर्क किया और संघर्षविराम की मांग की।

जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्‍तान को कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग रहा है, है और हमेशा रहेगा।

सिंधु जल संधि पर पी. हरीश ने कहा कि भारत ने 65 वर्ष पूर्व सद्भावना और मित्रता की भावना से यह समझौता किया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने कहा कि भारत को यह घोषणा करने के लिए विवश होना पड़ा कि यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार और अन्य सभी प्रकार के आतंकवाद को अपना समर्थन विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं कर देता।

भारत ने पाकिस्तान को कानून के शासन के प्रति अपने स्वयं के पालन पर आत्मनिरीक्षण करने की सलाह भी दी। उन्होंने पिछले वर्ष नवंबर में पारित पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन का उल्लेख किया, जो उसके रक्षा बलों के प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को आजीवन कानूनी अभियोजन से छूट प्रदान करता है।

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