भारत

भारत ने अवैध रूप से गठित मध्यस्थता न्यायालय द्वारा सिंधु जल संधि पर दिए निर्णय को खारिज किया

भारत ने जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और रातले पनबिजली परियोजनाओं पर तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय के फैसले को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि भारत ने इस मध्यस्थता न्यायालय की कानूनी वैधता को कभी मान्यता नहीं दी है और इसका गठन सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है।

मंत्रालय ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल-संधि को स्थगित कर दिया है और भारत अब संधि के अंतर्गत कोई भी दायित्व को निभाने के लिए बाध्य नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी मध्यस्थता न्यायालय को भारत के संप्रभु निर्णय पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

Editor

Recent Posts

इंडोनेशिया में 240 से अधिक यात्रियों वाली नौका के पलटने से लगभग 140 लोग और चालक दल लापता

इंडोनेशिया में आज जावा सागर में खराब मौसम के कारण 240 से अधिक यात्रियों वाली…

3 घंटे ago

WHO ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान ब्रिक्स देशों द्वारा स्वीकार किए गए नई दिल्ली घोषणा पत्र की सराहना की

विश्व स्वास्थ्य संगठन- डब्ल्यूएचओ ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान ब्रिक्स देशों द्वारा स्वीकार…

4 घंटे ago

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ

दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन आज नई दिल्ली में सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस दौरान महत्वपूर्ण…

4 घंटे ago

तीन दिवसीय ड्राईलैंड कांग्रेस का शुष्क भूमि में बदलाव लाने के लिए विज्ञान, नवाचार और साझेदारी के आह्वान के साथ समापन

तीन दिवसीय ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 आज नई दिल्ली में शुष्क-भूमि कृषि के लिए समाधानों में…

4 घंटे ago

18वां ब्रिक्स सम्मेलन आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू

18वां ब्रिक्स सम्मेलन आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा। दो दिनों…

1 दिन ago