जिनेवा में मानवाधिकार परिषद में जम्मू-कश्मीर और मणिपुर को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क की टिप्पणियों को भारत ने दृढ़ता से खारिज कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने टिप्पणियों को निराधार और आधारहीन बताते हुए कहा कि वे जमीनी हकीकत को प्रतिबिंबित नहीं करती।
अरिंदम बागची ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक जीवंत और विविध समाज वाला विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
उन्होंने तुर्क के कश्मीर और मणिपुर के संदर्भ तथा जम्मू-कश्मीर के बजाय कश्मीर का उपयोग करने की आलोचना की।
भारत के निर्माण क्षेत्र में कौशल विकास और क्षमता निर्माण को मजबूत करने की दिशा…
रक्षा मंत्रालय ने तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद और पी8आई दीर्घ-श्रेणी समुद्री टोही…
केंद्र सरकार ने गोवा और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्त…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने ईरान के होर्मुज जल-डमरू-मध्य खोलने की समय सीमा 6…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री…
विश्व व्यापार संगठन(डब्ल्यूटीओ) का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 26 मार्च 2026 को कैमरून के याउंडे में…