भारत

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ‘युद्ध के दौरान यौन हिंसा’ की कड़ी निंदा की

भारत ने संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा – सीआरएसवी की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्ध, आतंकवाद, यातना और राजनीतिक दमन का एक हथियार बताया है, जिसका प्रयोग समुदायों को अधीन करने, असहमति को दबाने और मानवीय पीड़ा पहुंचाने के लिए किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा पर खुली बहस में बोलते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पी. ​​हरीश ने कहा कि इस तरह की हिंसा दण्ड मुक्ति की प्रचलित संस्कृति के बीच जारी है। उन्‍होंने कहा कि भारत ऐसे जघन्य कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि 2025 में सत्यापित मामलों में हुई तीव्र वृद्धि सामूहिक कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा में भारत के महत्वपूर्ण योगदानों पर प्रकाश डालते हुए, श्री हरीश ने कहा कि महिला शांतिरक्षकों की तैनाती ने संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा से निपटने में “परिवर्तनकारी प्रभाव” डाला है। उन्होंने यह घोषणा भी की कि संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा को रोकने में उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए भारतीय शांति रक्षक मेजर मोइज़ यासीन और मेजर सोनिया देवेंद्र नवस्कर को वर्ष 2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव का मिलिट्री जेंडर ऑफ द ईयर का मान्‍यता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।

Editor

Recent Posts

मौसम विभाग ने आज मध्य और दक्षिण गुजरात के 13 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट‘ जारी किया

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में गुजरात के व्यापक क्षेत्र में मूसलाधार वर्षा की…

2 घंटे ago

सऊदी अरब और 13 अन्य देशों ने एक बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन बनाया

सऊदी अरब और 13 अन्‍य देशों ने पश्चिम एशिया के प्रमुख जलमार्गों में नौवहन सुरक्षा…

3 घंटे ago

राज्यसभा ने ध्वनि मत से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया

लोक सभा से पारित 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' को राज्यसभा…

3 घंटे ago