भारत ने सीमा पार आतंकवाद को शासन की नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए पाकिस्तान की कड़ी निंदा की और दोहराया कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग बना रहेगा। ये टिप्पणियां संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्राकृतिक संसाधनों के संचालन पर कल हुई उच्च स्तरीय खुली बहस में अमरीका में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पी. हरीश ने कीं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उच्च स्तरीय बहस का दुरुपयोग करके अपना झूठा नैरेटिव फैला रहा है। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग रहा है और हमेशा रहेगा तथा पाकिस्तान इस संवैधानिक और कानूनी वास्तविकता को जानबूझकर नजरअंदाज करता है। राजदूत हरीश ने आगे कहा कि जम्मू और कश्मीर के संबंध में एकमात्र लंबित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारत की संप्रभु भूमि पर आक्रमण और अवैध कब्जा है।
सिंधु जल संधि के बारे में बोलते हुए, उन्होंने सीमा पार आतंकवाद को शासन की नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए पाकिस्तान की कड़ी निंदा की। पी. हरीश ने कहा कि सिंधु जल संधि पर हमारा रुख स्पष्ट और अटल है। उन्होंने कहा कि जब सीमा पार आतंकवाद को शासन की नीति के एक साधन के रूप में नियमित रूप से इस्तेमाल किया जाता है, तब आपसी विश्वास और सद्भावना के आधार पर सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। अपने समापन भाषण में, राजदूत पी. हरीश ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह दूसरों पर राय देने से पहले अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान करे।
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