भारत ने अमरीका और ईरान के बीच संघर्ष विराम का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में विश्वास व्यक्त की कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार जारी रहेगा। मंत्रालय ने कहा कि भारत ने निरंतर तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति का समर्थन किया है, जो मौजूदा संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए आवश्यक हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस संघर्ष ने पहले ही लोगों को परेशानी हुई है और इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क को बाधित हुआ है।
अमरीका ने कल रात होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित लारक द्वीप पर ईरान के सैन्य ठिकानों…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक विकास…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के किर्गिस्तान दौरे पर बिश्केक पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे…
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प्रधानमंत्री ने आज ताशकंद में शास्त्री स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस वर्ष ताशकंद में…
राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण(एनबीए) ने जैविक संसाधनों के उपयोग से उत्पन्न पहुंच एवं लाभ-साझाकरण(एबीएस) तंत्र के…