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भारतीय वायु सेना ने वॉरफेयर एंड एयरोस्पेस स्ट्रैटेजी प्रोग्राम (WASP) के पांचवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया

नई दिल्ली में 29 जून को वॉरफेयर एंड एयरोस्पेस स्ट्रेटेजी प्रोग्राम (डब्ल्यूएएसपी) के सफल समापन के अवसर पर ‘कैपस्टोन सेमिनार’ के पांचवें संस्करण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। सम्मेलन में भारत के पूर्व प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त), भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुखों और अनेक प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने इस पहल के रणनीतिक महत्व एवं बढ़ती प्रतिष्ठा को उजागर किया।

यह कैपस्टोन सेमिनार सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रैटेजिक स्टडीज (सीएपीएसएस), नई दिल्ली और कॉलेज ऑफ एयर वॉरफेयर (सीएडब्ल्यू), हैदराबाद द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित छह महीने के गहन बौद्धिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम का समापन है। इस वर्ष प्रतिभागी दलों ने दो महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत व गहन अध्ययन प्रस्तुत किए। पहला विषय था, “एयरोस्पेस शक्ति का विकास: पारंपरिक रणनीति से वर्तमान के सीमित संघर्षों तक”, जबकि दूसरा विषय “भविष्य के लिए एयरोस्पेस शक्ति को तैयार करना: नवाचार, एकीकरण और बल संरचना” रखा गया।

डब्ल्यूएएसपी भारतीय वायु सेना के मिड-रैंकिंग अधिकारियों के लिए तैयार किया गया एक विशिष्ट कार्यक्रम है। इसमें तीनों सेनाओं के अधिकारियों तथा रक्षा मंत्रालय के असैन्य अधिकारियों को भी भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाता है। भविष्य में वैश्विक सहयोग की भावना को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम हेतु भारत के मित्र देशों के अधिकारियों को भी आमंत्रित करने की परिकल्पना की गई है।

वर्तमान समय के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भी डब्ल्यूएएसपी व्यापक अध्ययन, गहन समझ और महत्वपूर्ण ग्रंथों एवं शोध-पत्रों के गंभीर विश्लेषण के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। विश्वभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय संवाद व विचार-विमर्श इस कार्यक्रम की शैक्षणिक व्यापकता को और भी समृद्ध बनाते हैं, जो सैन्य इतिहास, वायु एवं अंतरिक्ष शक्ति, प्रौद्योगिकी, सैन्य सिद्धांत तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित होते हैं।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के भावी नेतृत्व में रणनीतिक सोच विकसित करना, उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विमर्श को संस्थागत स्वरूप प्रदान करना है। इस पहल की सफलता इसके पूर्व प्रतिभागियों की उपलब्धियों से स्पष्ट होती है, जो आज सरकार, प्रमुख नीति अनुसंधान संस्थानों और सैन्य शिक्षण संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं।

वायु सेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने प्रतिभागियों को उनकी उत्कृष्ट सहनशक्ति, समर्पण और शैक्षणिक अनुशासन के लिए बधाई दी। उन्होंने अधिकारियों से अपने पूरे सेवा-काल के दौरान निरंतर ज्ञान अर्जित करने, अपनी पेशेवर कार्य कुशलता को लगातार विकसित करने और भविष्य की परिचालन आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए देशभर में रणनीतिक चिंतन व नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इस अवसर पर आयोजित सेमिनार के दौरान पहली बार डब्ल्यूएएसपी–सीएडब्ल्यू जर्नल का विमोचन भी किया गया।

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