नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक परिचालन बदलाव कर रही हैं।
7 मार्च, 2026 के यात्री आवागमन के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 51 उड़ानें इस क्षेत्र से भारत पहुंचीं जिनमें 8,175 यात्री सवार थे।
8 मार्च 2026 को एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा ने दुबई, अबू धाबी, रस अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डों से परिचालन व्यवहार्यता और तत्काल प्रभावी परिस्थितियों के आधार पर 49 आगमन उड़ानों का संचालन करने की योजना बनाई।
वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारत की विमानन कंपनियां 9 मार्च 2026 के लिए 50 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही हैं।
इसके अलावा, भारतीय एयरलाइंस क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों पर जमीनी स्थिति का लगातार आकलन कर रही हैं ताकि इन स्थानों से भारतीय एयरलाइंस द्वारा अधिक उड़ानें संचालित की जा सकें।
नागर विमानन मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। टिकटों की कीमतें उचित स्तर पर बनी रहें और इस दौरान उनमें अनावश्यक बढ़ोतरी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए हवाई किरायों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
यात्रियों को उड़ान समय-सारणी संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइनों के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी उपलब्ध कराएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज तीन दिन की श्रीलंका यात्रा पर कोलंबो पहुंचे। इस यात्रा…
भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर, ब्रिटेन ने भारत की कार्बन…
वन क्षेत्र में सहयोग पर भारत-जापान संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 7वीं बैठक 8 सितंबर…
भारत और मोरक्को के बीच संयुक्त रक्षा समिति की पहली बैठक 8 सितंबर 2026 को…
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और जापान वायु आत्मरक्षा बल (जेएएसडीएफ) 9 सितंबर 2026 से 22…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज मणिपुर के मोइरांग में आईएनए संग्रहालय का दौरा किया…