भारतीय तटरक्षक बल ने 9 मई, 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में भारतीय तटरक्षक पोत (आईसीजीएस) अचल को सेवा में शामिल कर अपनी परिचालन क्षमता को और मजबूत किया है। यह नई पीढ़ी की अदम्य-श्रेणी में तीव्र गति के जहाजों की श्रृंखला का नवीनतम पोत है। इस जहाज के अचल नाम होने का अर्थ ‘अडिग’ है, जो भारतीय तटरक्षक बल की राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा, समुद्र में जीवन बचाने और भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अत्याधुनिक पोत समुद्री अभियानों की व्यापक जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम है, जिनमें तटीय और अपतटीय निगरानी, अवरोधन गतिविधि, खोज एवं बचाव (एसएआर), तस्करी-रोधी अभियान तथा समुद्री प्रदूषण से निपटने जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
इस जहाज़ को रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव एवं महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अंबरासु ने औपचारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किया। इस अवसर पर तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पश्चिम) के कमांडर इंस्पेक्टर जनरल टेकुर शशि कुमार, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी तथा गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। यह समारोह अत्यंत गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ।
मेसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित यह पोत भारत की पोत निर्माण क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटकों से सुसज्जित यह जहाज रक्षा निर्माण क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। साथ ही, यह भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ गतिविधियों के अनुरूप स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है।
आईसीजीएस अचल का सेवा में शामिल होना भारतीय तटरक्षक बल के मौजूदा बेड़ा विस्तार कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अत्याधुनिक पोत के शामिल होने से तटीय सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी, साथ ही समुद्री निगरानी एवं परिचालन तत्परता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।
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