बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर समुद्री मार्गों के जरिये होने वाली घुसपैठ के प्रयासों को विफल करने के लिए भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
भारतीय तटरक्षक ने सोमवार को यह जानकारी दी। बल ने बताया कि अब तक समुद्री सीमा पर ‘घुसपैठ या फिर इस तरह की कोई गतिविधि’ सामने नहीं आई है और हालात स्थिर होने तक समुद्री क्षेत्र में ‘निगरानी मुस्तैद तरीके से’ जारी रहेगी। यह कदम बांग्लादेश में पांच अगस्त को बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उठाया गया है।
आईसीजी ने एक बयान में बताया, “बांग्लादेश में हाल की राजनीतिक घटनाओं और तेजी से बदलते घटनाक्रम को देखते हुए तटरक्षक बल ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और समुद्री मार्गों के जरिये घुसपैठ के किसी भी तरह के प्रयास को विफल करने के लिए परिचालन इकाइयों को उपयुक्त रूप से तैनात किया गया है।”
बयान के मुताबिक, “अपतटीय गश्ती जहाज (ओपीवी) और त्वरित गश्ती जहाज (एफपीवी) को भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर तैनात कर सतही निगरानी बढ़ा दी गई है।” बयान में बताया गया, “समुद्र में तैनात सभी इकाइयों को मछली पकड़ने वाली सभी नौकाओं पर नजर रखने/उन पर चढ़ने वालों तथा भारतीय मछुआरों की पहचान करने की सलाह दी गई है।”
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