भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने 13 नवंबर की देर रात लक्षद्वीप के अगाती से एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को निकाला। 68 वर्षीय मरीज को क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और टाइप 2 रेस्पिरेटरी फेलियर की गंभीर बीमारी का पता चला था और उसे तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी।
कोच्चि स्थित आईसीजी जिला मुख्यालय ने लक्षद्वीप मुख्यालय और लक्षद्वीप प्रशासन के साथ समन्वय करके एक डोर्नियर विमान भेजा और मरीज को आगे के उपचार के लिए कोच्चि के एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल पहुंचाया।
तीव्र और सफल चिकित्सा निकासी आईसीजी द्वारा लक्षद्वीप प्रशासन व द्वीपवासियों को जीवन की सुरक्षा और मुख्य भूमि के साथ निरंतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में दी गई निरंतर सहायता का हिस्सा है, जो आईसीजी का आदर्श वाक्य है- ‘वयं रक्षामः’ – हम रक्षा करते हैं।
भारत ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की कड़ी…
‘सड़क सुरक्षा माह 2026’ मनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक पशुओं के आने से होने…
भारतीय रेलवे अपने आधुनिकीकरण की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर जोड़ने की…
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सरकार की नदियों को केवल जलमार्ग के रूप…
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में अरावली…
सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 14 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में नेशनल…