भारतीय रेलवे ने सोलापुर खंड के 7 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए 209 करोड़ रुपये मंजूर किए
भारतीय रेलवे ने मध्य रेलवे के सोलापुर डिवीजन के सात स्टेशनों पर 209 करोड़ रुपये की कुल लागत से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) की व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।
स्वीकृत किए गए कार्य में हाई डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) 7 रूट पर मोहोल, मुंधेवाड़ी, बाले, सोलापुर, होटगी जंक्शन-होटगी ए केबिन, शाहबाद और वाडी जंक्शन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की व्यवस्था करना शामिल है। यहां कवच, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) और केंद्रीकृत यातायात नियंत्रण (सीटीसी) कार्यों को मंजूरी दी गई है।
आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली से पूरे खंड में रेलवे सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच के कार्यान्वयन में सुविधा होगी।
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक आधुनिक कंप्यूटर-आधारित सिग्नलिंग प्रणाली है जो पारंपरिक रिले-आधारित इंटरलॉकिंग का स्थान लेती है। यह पॉइंट्स और सिग्नलों का अधिक विश्वसनीय नियंत्रण प्रदान करती है, त्रुटियों का तेजी से पता लगाने और उन्हें ठीक करने में सक्षम बनाती है, रखरखाव को आसान बनाती है और अधिक कुशल ट्रेन संचालन में सहायक होती है।
यह परियोजना भारतीय रेलवे द्वारा सिग्नलिंग बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने और उच्च घनत्व वाले मार्गों पर परिचालन दक्षता में सुधार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।





