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Indian Railways successfully tested train Rudrashtra
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भारतीय रेल ने अक्टूबर 2026 में 145.07 मिलियन टन माल ढुलाई की

भारतीय रेलवे ने अक्टूबर 2026 के दौरान अपना शानदार परिचालन प्रदर्शन जारी रखा और माल ढुलाई में मजबूत वृद्धि दर्ज की। माल की अधिक ढुलाई और उससे होने वाली बढ़ी हुई कमाई आर्थिक विकास को समर्थन देने और देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में भारतीय रेलवे के प्रयासों को दर्शाती है।

माल की ढुलाई में मजबूत वृद्धि दर्ज

भारतीय रेलवे ने अक्टूबर महीने में अब तक की सबसे अधिक माल ढुलाई हासिल की। ​​इस महीने के दौरान 145.07 मिलियन टन माल की ढुलाई की गई, जबकि अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 133.93 मिलियन टन था। इस प्रकार इसमें 8.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इस महीने के दौरान कई प्रमुख वस्तुओं की ढुलाई में उत्साहजनक वृद्धि देखी गई। खाद्यान्न की ढुलाई में 26.3 प्रतिशत, घरेलू कोयले में 16 प्रतिशत, अन्य सामानों में 11 प्रतिशत, क्लिंकर में 10.4 प्रतिशत, घरेलू कंटेनरों में 6.3 प्रतिशत, लौह अयस्क में 5 प्रतिशत, खनिज तेल में 1.9 प्रतिशत और तैयार स्टील में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। भारतीय रेलवे ने बिजली संयंत्रों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए घरेलू कोयले के परिवहन में तेजी लाई है। रेलवे ने अक्टूबर 2026 में प्रतिदिन औसतन 469.8 रेक (कोयले से लदी ट्रेनें) की आपूर्ति की, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 393.2 रेक प्रतिदिन था। इस तरह इसमें 19.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

अक्टूबर 2026 का यह बेहतर प्रदर्शन वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों (अप्रैल-अक्टूबर) में दर्ज की गई वृद्धि को और आगे बढ़ाता है। भारतीय रेलवे ने इस दौरान 978.78 मिलियन टन माल की ढुलाई की, जो पिछले साल की इसी अवधि के 935.10 मिलियन टन के मुकाबले 4.67 प्रतिशत अधिक है।

यात्री यातायात में लगातार वृद्धि

अक्टूबर 2026 के दौरान यात्री आवाजाही में भी लगातार वृद्धि देखी गई। भारतीय रेलवे ने 64.72 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह संख्या 63.52 करोड़ थी।

भारतीय रेलवे ने अप्रैल-अक्टूबर 2026 के दौरान 443.8 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 431.4 करोड़ था। इसमें ‘नॉन-सबअर्बन’ (शहरी उपनगरीय क्षेत्रों के बाहर) खंड में 4.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि ‘सबअर्बन’ (शहरी उपनगरीय) खंड में 1.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

माल ढुलाई में यह वृद्धि लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और भारत की आर्थिक प्रगति में सहयोग देने के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारतीय रेलवे अपनी क्षमता बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार के जरिए लगातार अपने परिवहन नेटवर्क को बेहतर बना रहा है।

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