भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि भारत परिवर्तनकारी बदलाव के लिए डिजिटल तकनीकों का लाभ उठाने में विश्व में अग्रणी बनकर उभरा है इसलिए एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का अंतर्राष्ट्रीयकरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैंक के अनुसार, यूपीआई की क्षमताओं में सुधार के साथ अक्टूबर में यूपीआई के माध्यम से 16 दशमलव 6 अरब का लेनदेन हुआ, जो महत्वपूर्ण है। इसमें 86 प्रतिशत तक भुगतान की तत्काल सफल वापसी शामिल है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा ने बताया कि भारत का यूपीआई, एक ओपन एंडेड प्रणाली है जिसमें शामिल किसी भी बैंक के एक ही मोबाइल एप्लिकेशन में कई बैंक खातों के उपयोग की सुविधा मिलती है।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्लू) सर्बानंद सोनोवाल ने ओडिशा के पारादीप स्थित…
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने 62,500 करोड़ रुपये के बजट के साथ मोबाइल…
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक आज जयपुर में संपन्न हुई। इस…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई/आयोग) ने कार्टेलाइजेशन (गुटबंदी) के प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए…
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 27 के अंतर्गत दिनांक…
हाल के हफ़्तों में चीनी की कीमतें बढ़ी हैं। 20 जुलाई 2026 को यह ₹48.18…