भारत

भारतीय औषध संहिता आयोग (IPC) ने औषधि सुरक्षा, गुणवत्ता मानक और क्षमता निर्माण सुदृढ़ बनाने के लिए तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था, भारतीय औषध संहिता आयोग – इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (आईपीसी) ने देश में दवाओं की सुरक्षा, गुणवत्ता आश्वासन और क्षमता निर्माण पहल सुदृढ़ करने के लिए गोवा राज्य फार्मेसी परिषद (जीएसपीसी), भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) और एचएलएल इंफ्रा टेक सर्विसेज लिमिटेड (एचआईटीईएस) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

भारतीय औषध संहिता आयोग (आईपीसी) और गोवा राज्य फार्मेसी परिषद (जीएसपीसी) के बीच समझौता ज्ञापन के तहत गोवा में फार्माकोविजिलेंस, दवाओं के तर्कसंगत उपयोग और फार्मासिस्टों के व्यावसायिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग के लिए संरचित ढांचा तैयार किया गया है। इससे पंजीकृत फार्मासिस्टों के बीच भारत की राष्ट्रीय फ़ार्मुलेरी को बढ़ावा देना, भारत के फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम के तहत प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया (एडीआर) के बारे में रिपोर्टिंग तंत्र मजबूत करना, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और सतत शिक्षा गतिविधियां आयोजित करना तथा दवा सुरक्षा, फार्माकोपियल मानकों और संवहनीय फार्माकोपिया से संबंधित जागरूकता पहल सुगम बनाना है। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया निगरानी केंद्र स्थापित करना और उनकी सक्षमता बढ़ाने में सहयोग देना तथा राज्य भर के स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थित रिपोर्टिंग और दस्तावेज़ीकरण परिपाटी को बेहतर बनाना है।

भारतीय औषध संहिता आयोग और भारतीय गुणवत्ता परिषद – क्यूसीआई के बीच समझौता ज्ञापन के तहत, दोनों संस्थानों ने गुणवत्ता संवर्धन, जन स्वास्थ्य जागरूकता और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति व्यक्त की है। सहयोग में विशेष रूप से औषधि सतर्कता और संबंधित विषयों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों की संयुक्त योजना और कार्यान्वयन, संस्थागत विशेषज्ञता और तकनीकी संसाधनों का उपयोग और राष्ट्रीय गुणवत्ता और सुरक्षा उद्देश्यों के अनुरूप सहयोगी पहल विकास शामिल हैं। समझौता ज्ञापन परियोजना-आधारित सहयोग को सुगम बनाने के लिए स्थितिअनुकूल, गैर-बाध्यकारी ढांचा प्रदान करना है, जिसमें पारस्परिक रूप से सहमति द्वारा माध्यम से विशिष्ट गतिविधियां संचालित होंगी। इनसे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में गुणवत्ता आश्वासन और व्यापक मानकीकरण सुनिशिचित होगा।

भारतीय औषध संहिता आयोग, फार्माकोविजिलेंस प्रणालियों को मजबूत करने, पेशेवर दक्षता बढ़ाने और देश भर में दवा की गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा के लिए समान मानकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नियामक निकायों, पेशेवर परिषदों, गुणवत्ता संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के साथ संस्थागत साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखे हुए है।

इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय संयुक्त सचिव हर्ष मंगला ने देश भर में प्राथमिक और द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में नियामक क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन और गोवा राज्य फार्मेसी परिषद तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रमुख घटक राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड के प्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने समझौता ज्ञापन को संस्थागत साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम बताया। साथ ही दीर्घकालिक जन स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

हर्ष मंगला ने कहा कि समझौता ज्ञापन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक अर्थों में उद्देश्यों की प्राप्ति में परिणत होना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय औषध संहिता आयोग ने पहले चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो नियामक और व्यावसायिक सहयोग मजबूत करने के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता दर्शाते हैं।

हर्ष मंगला ने इस बात पर जोर दिया कि दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स पर सर्वोच्च ध्यान देने की आवश्यकता है और रोगी सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए फार्मासिस्टों में जागरूकता बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नीतिगत समर्थन, नियामक सुधारों और क्षमता निर्माण पहल द्वारा औषधि और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने और विकसित करने के सरकार के निरंतर प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन फार्मासिस्टों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सतत व्यावसायिक शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में समग्र सुधार में योगदान मिलेगा।

Editor

Recent Posts

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने और हवाई हमले की स्थिति में घरों में रहने की सलाह दी

सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और…

8 घंटे ago

भारत में बॉक्सिंग व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए NSDF और SAI ने इंडियन ऑयल के साथ साझेदारी की

राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ), भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने प्रतिभाओं…

8 घंटे ago

लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है; चीन के इनकार से यह तथ्य नहीं बदल सकता: विदेश मंत्रालय

भारत ने आज फिर दोहराया कि लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, चीन…

9 घंटे ago

66वें राष्‍ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और पाठ्यक्रम प्रतिभागियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

66वें राष्‍ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और पाठ्यक्रम प्रतिभागियों ने आज, 13 अक्टूबर 2026…

9 घंटे ago

आयुष मंत्रालय ने चार पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में त्वचा सम्बंधी विकारों के उपचार के लिए दिशानिर्देश जारी किए

आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी में त्वचा सम्बंधी विकारों के प्रबंधन के…

10 घंटे ago