ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर -आईआरजीसी ने आज अमरीकी और इस्राइली ठिकानों पर 17वां हमला किया। आईआरजीसी की जमीनी सेना ने ईरान पर इस्राइली-अमरीकी हमलों का तीन बड़े अभियानों से जवाब दिया।
आज ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस -4 के एक और चरण की घोषणा करते हुए आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने बताया कि इस्राइली-अमरीकी संयुक्त हमलों के तुरंत बाद उसकी जमीनी सेना ने कब्जे वाले क्षेत्रों और अमरीकी ठिकानों पर 230 से अधिक ड्रोन दागे।
आईआरजीसी ने कहा कि एरबिल और कुवैत में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों ड्रोन दागे गए हैं और उत्तरी इराक में कई आतंकवादी गुटों के मुख्यालयों को नष्ट किया गया है।
ये बच्चों की हत्या करने वाले हमलावरों के खिलाफ आईआरजीसी के बहादुर सैनिकों की पहली कार्रवाई थी।
आईआरजीसी ने दावा किया कि ईरान के जवाबी हमलों ने बहरीन में एक प्रमुख अमरीकी हवाई अड्डे को पंगु बना दिया है और कमान केंद्र नष्ट हो गए हैं।
आईआरजीसी के अनुसार, युद्ध के पहले दो दिनों में ईरान के जवाबी हमलों में विभिन्न अमरीकी ठिकानों पर तैनात 680 से अधिक अमरीकी सैनिक हताहत हुए हैं।
ईरानी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि क्षेत्र में अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना आत्मरक्षा के समान है।
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