इस्राइल और अमरीका ने आज ईरान पर हमले किए। राजधानी तेहरान सहित ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबर है। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि अमरीका ने ईरान में सैन्य अभियान शुरू कर दिया है।
अमरीका की सेना ने आज ईरान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया हैं। हमारा उद्देश्य ईरान सरकार के गंभीर खतरों को खत्म कर अमरीका लोगों की रक्षा करना है। ईरान बड़े पैमाने पर आतंकवाद फैला रहा है, और हम इसे और बर्दाश्त नहीं करेंगे। लेबनान से लेकर यमन, सीरिया से लेकर इराक तक, ईरान ने आतंकी गुटों को हथियार, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की है, उन्होंने धरती को खून-खराबे से भर कर दिया है। ईरान के ही सहयोगी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को इस्राइल पर भयावह हमले किए थे। यह इतना क्रूर था कि दुनिया ने ऐसा हमला पहले कभी नहीं देखा था।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने कहा है कि उनके देश ने ईरान पर पूर्व-नियोजित हमला शुरू कर दिया है और उन्होंने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा भी कर दी है।
सरकारी मीडिया के अनुसार ईरान जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। ये हमले संभावित परमाणु समझौते को लेकर अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में व्यापक सैन्य टकराव की बढ़ती आशंकाओं के बीच हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेहरान में विस्फोट हुए। तेहरान में कथित हमला सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालयों के पास हुआ। हमले के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और मोबाइल फोन सेवाएं बाधित हो गई हैं। ईरान की राजधानी में कई विस्फोटों की सूचना मिलने के बाद पायलटों को चेतावनी भी जारी की गई। नुकसान और हताहतों की संख्या की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बीच, ईरान पर इस्राइली हमलों के बाद इराक ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
इस्राइल की सेना ने कहा कि ये चेतावनी जवाबी मिसाइल हमले की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए थे।
इस्राइल की सेना ने कहा कि ईरान से दागी गई मिसाइलों को इस्राइल की ओर आते हुए देखा गया है।





