भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष सोमनाथ ने कहा है कि इस साल के अंत तक पहले मानव रहित मिशन गगनयान के प्रक्षेपण की कोशिश की जा रही है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि गगनयान के सभी हिस्से सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पहुंच गए हैं और इन्हें उड़ान के लिए जोड़ा जाएगा। अंतरिक्ष संगठन के प्रमुख ने कहा कि मानव मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिए गामा किरणों की सीमा, यूवी विकिरण की तीव्रता और ब्रह्मांडीय अल्ट्रा विकिरण की जांच करने वाले सेंसर को मापा जाएगा।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में अंतरिक्ष केंद्र दो वर्ष में स्थापित हो जाएगा। सोमनाथ ने कहा कि छोटे उपग्रहों को पड़ोसी देशों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रक्षेपित किया जाएगा। अंतरिक्ष संगठन के प्रमुख ने कहा कि देश के पास उचित लागत पर किसी भी प्रकार के उपग्रह का उत्पादन करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि उद्योग में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की अवधारणा से देश और अंतरिक्ष उद्योग के वैश्विक क्षेत्र में इसकी उपस्थिति को लाभ होगा।
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