इसरो ने नये लिक्विड रॉकेट ईंजन का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण शुकवार को तमिलनाडु के महेन्द्रगिरी के इसरो के प्रोपल्शन परिसर में किया गया। नवर्निमित पी.एस.-4 ईंजन में खंडो की संख्या कम की गई है। इस प्रणाली से ईंजन में कच्चे माल की खपत और उत्पादन में लगने वाले समय में कमी आएगी। इसका उपयोग पी.एस.एल.वी. प्रक्षेपण यान और प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली में भी किया जाएगा। इसरो पी.एस.-4 ईंजन को पी.एस.एल.वी. कार्यक्रम का नियमित रुप से हिस्सा बनाने की योजना बना रहा है।
नए विन्यास से तैयार किया गया इंजन को पीएसएलवी लांच व्हीकल के चौथे चरण और पहले चरण के रियेक्शन कंट्रोल सिस्टम में इस्तेमाल किया जाएगा। आगे से इस नये इंजन का इस्तेमाल पीएसएलवी में आरंभ होगा। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग का मतलब पीएसएलवी इंजन के विन्यास को 3D प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी द्वारा तैयार किया जाएगा। 3डी प्रिंटेड पीएस4 इंजन का हॉट टेस्टिंग में निजी कंपनी विप्रो 3D का योगदान है। 3डी प्रिंटेड इंजन से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को काफी मदद मिलेगी। सुधींद्र आकाशवाणी समाचार बेंगलुरु।
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