न्यायमूर्ति संजीव खन्ना आज देश के 51वें मुख्य़ न्यायाधीश पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
14 मई 1960 को जन्मे जस्टिस संजीव खन्ना 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए। उन्होंने दिल्ली के तीस हजारी जिला न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय और कई न्यायाधिकरणों में वकालत की है। न्यायमूर्ति खन्ना को 2005 में दिल्ली उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश और 2006 में साइन न्यायाधीश बनाया गया। जनवरी 2019 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। जस्टिस संजीव खन्ना सर्वोच्च न्यायालय के कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं-जैसे अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखना, चुनावी बॉन्ड योजना को को समाप्त करना तथा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन-ई.वी.एम. के उपयोग को बरकरार रखना। उनका कार्यकाल लगभग 6 महीने का होगा।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने "जाइरोप्लेन के लिए पायलट लाइसेंस जारी करने हेतु ग्राउंड और…
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली के नौसेना भवन में भारतीय नौसेना के…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ और दिल्लीवासियों के सफर…
भारतीय रेल ने मेरठ शहर को उत्तर प्रदेश के खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने वाली…
निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप स्पर्धा में इतिहास रचते हुए भारत को जापान एशियाई…
निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 11 सीटों के लिए आज द्विवार्षिक चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी…