आज एक नवंबर से देश में वित्तीय, टैक्स और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। अब जीएसटी के नए नियमों के तहत ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए अलग-अलग राज्यों में कारोबार करना आसान होगा।
विक्रेताओं को जो प्रतिमाह अधिकतम ढाई लाख रुपए तक का इनपुट टैक्स क्रेडिट देते हैं, यह अनुमति दी जाएगी कि वे उन राज्यों में जहां उनकी कोई बहुत भौतिक उपस्थित नहीं है, ई–कॉमर्स प्लेटफार्म के वेयरहाउस को अपना मुख्य व्यवसाय स्थल घोषित कर सकें। इस बदलाव से लगभग साढ़े नौ लाख छोटे विक्रेताओं को लाभ होने की उम्मीद है। इससे उन्हें कई राज्यों में अलग–अलग कार्यालय स्थापित किए बिना पूरे देश में ग्राहकों तक पहुंचने में आसानी होगी। इन सुधारों के तहत जीएसटी रिफंड की कुछ श्रेणियों के लिए स्वचालित प्रक्रिया भी शुरू की गई है। आज से सभी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों ए.एम.सी. के लिए अपने डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट प्लान को डिफॉल्ट विकल्प के रूप में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। 80 वर्ष से कम आयु के पेंशन भोगी आज से इस महीने की 30 तारीख तक अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। वहीं, 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशन भोगियों को पिछले महीने से ही यह प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी जा चुकी है। दूरसंचार विभाग ने आज से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सी.एन.ए.पी. सेवा लागू करना अनिवार्य कर दिया है।





