अमरीका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों की कल अमरीका के अटलांटा में बैठक हुई। बैठक में क्वाड की चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बैठक में मंत्रियों ने वैश्विक आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और जरूरी सामान की आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने व्यापार पर मनमाने प्रतिबंधों और आपूर्ति में रुकावट पैदा करने वाली नीतियों पर चिंता जताई। मंत्रियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य में समुद्री रास्तों को सुरक्षित और खुला रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। बैठक में एआई के महत्व पर भी चर्चा हुई। क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद एआई को बढ़ावा देने के लिए आठ करोड़ 50 लाख डॉलर से अधिक की तकनीकी और आर्थिक मदद देने की मंशा जताई।
मंत्रियों ने ऑनलाइन और साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों की तस्करी करने और उनसे जबरन साइबर ठगी कराने वाले गिरोहों की निंदा की। बैठक में नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। मंत्रियों ने बचाव कार्यों में भारत की भूमिका और नेपाल को सभी क्वाड देशों की ओर से दी गई मदद का भी उल्लेख किया। क्वाड देशों के मंत्रियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और विकास से जुड़ी योजनाओं में हुई प्रगति का स्वागत किया।
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