राष्ट्र आज संविधान दिवस मना रहा है। इस वर्ष के समारोह का विषय है- हमारा संविधान–हमारा स्वाभिमान। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल होंगे। यह वर्ष देश के संविधान को अंगीकृत किए जाने का 76वां वर्ष है।
संविधान दिवस के अवसर पर देशभर में करोड़ो लोग गांव से लेकर शहरों तक भारतीय संविधान की प्रस्तावना का पाठ पढ़ेंगे। राष्ट्रपति इस प्रस्तावना पाठ का नेतृत्व करेंगी। कार्यक्रम के दौरान संविधान का अनुवादित संस्करण नौ भाषाओं मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया में जारी किया जाएगा। इसके अलावा एक विशेष स्मारक पुस्तक – भारत के संविधान से कला और कैलिग्राफी का विमोचन किया जाएगा। संविधान दिवस पर सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ–साथ स्थानीय निकाय अपने–अपने स्तर पर कई कार्यक्रम आयोजित करेंगे। संविधान सभा ने इस ऐतिहासिक दस्तावेज को तैयार करने में दो साल, ग्यारह महीने और सत्रह दिन का समय लिया था। भारत का संविधान समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है और इसी के माध्यम से एक सशक्त और जीवंत लोकतंत्र को पनपने का अवसर मिला है।
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