राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण(एनसीएलटी) ने आज अपनी ई-निरीक्षण और ई-प्रमाणित प्रति सेवाओं का शुभारंभ किया। एनसीएलटी के माननीय अध्यक्ष, न्यायमूर्ति अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन सेवाओं का औपचारिक उद्घाटन किया, यह अधिकरण की रजिस्ट्री को अधिक सुलभ और प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति ग्रेवाल ने कहा कि इन दोनों सेवाओं का उद्देश्य अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य हितधारकों को न्यायिक अभिलेखों तथा प्रमाणित प्रतियों तक सुविधाजनक और त्वरित पहुंच प्रदान करना है। ये सेवाएं अधिकरण के व्यापक डिजिटल परिवर्तन का हिस्सा हैं, जिसमें नए स्वरूप में तैयार की गई एनसीएलटी वेबसाइट और चल रही ई-कोर्ट्स 2.0 पहल भी शामिल हैं।
माननीय एनसीएलटी अध्यक्ष ने मामलों के प्रबंधन में सुधार और लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए किए गए उपायों पर भी प्रकाश डाला। एनसीएलटी ने विभिन्न पीठों में लंबित मामलों की निगरानी के लिए डेटा-आधारित व्यवस्था अपनाई है। इस प्रकार एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर कार्यभार की समीक्षा और उसका पुनर्वितरण किया गया, जहां आवश्यक हुआ वहां विशेष पीठों का गठन किया गया तथा उपलब्ध न्यायालयीन समय का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए।
इन उपायों के परिणामस्वरूप अप्रैल-जून 2026 के दौरान 78-समाधान योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई, जो दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता(आईबीसी) के लागू होने के बाद से पहली तिमाही में अब तक का सर्वाधिक प्रदर्शन है, इन मामलों में लगभग ₹5,517.66 करोड़ की राशि शामिल है।
एनसीएलटी ने सीमित न्यायिक संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए बार के साथ परामर्श करके मामलों के पंजीकरण और सूचीबद्ध करने से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति ग्रेवाल ने जोर देकर कहा कि अधिकरण को अभी भी बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी अनावश्यक देरी को कम करने और कार्यकुशलता में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इन दोनों नई सेवाओं की शुरुआत एनसीएलटी के लगातार जारी प्रयासों का ही हिस्सा है, जिससे न्याय प्रणाली को और भी अधिक पारदर्शी, कुशल और हितधारकों के अनुकूल बनाया जा सके।
भारतीय नौसेना ने आज मुंबई स्थित नौसैनिक शिपयार्ड में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित तीसरी…
भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के दरवाज़े सभी…
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों के साथ जुड़ने…
देश के आईटीआई इकोसिस्टम को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधान मंत्री कौशल और रोजगार…
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी) के 66वें पाठ्यक्रम…
भारतीय सेना ने 12 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में 'भारत चावल' का शुभारंभ किया।…