आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस है। वर्ष 1998 में इसी दिन भारत ने राजस्थान के पोखरण में परमाणु बम का सफल परीक्षण किया था। यह दिन देश की प्रगति और विकास में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है।
आज के दिन भारत की तकनीकी विशेषज्ञता और देश के पहले स्वदेशी विमान हंसा-3 के प्रक्षेपण में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों के योगदान और छठे वैश्विक परमाणु परीक्षण को याद किया जाता है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का उद्देश्य दैनिक जीवन में प्रौद्योगिकी की भूमिका को उजागर करना और विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में युवाओं की रुचि को प्रोत्साहित करना है। देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से प्रगति और नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
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