राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पंजाब के संगरूर जिले के रहने वाले गुलजार सिंह की मौत के मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है।
आयोग को मिली शिकायत के अनुसार, गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री के सामने राज्य में नशीले पदार्थों की समस्या को लेकर सवाल उठाए थे। मौत से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि मंत्री के डर से उन्होंने जहर खा लिया है और साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप भी लगाए थे।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, आयोग ने इस मामले की जांच का आदेश दिया। पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करके उन्हें नोटिस मिलने के पांच दिनों के भीतर मामले से जुड़े तथ्य और आरोपों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने पूर्व विधायक और पंजाब में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शीतल अंगुराल की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की।
एनसीएससी के चेयरमैन किशोर मकवाना ने इस मामले को बेहद गंभीर और संवेदनशील घटना बताया। उन्होंने कहा कि मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में एक मंत्री और ग्राम पंचायत के कुछ सदस्यों पर नाम लेकर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए।
चेयरमैन मकवाना ने कहा कि पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह मामले की जांच करने और आरोपों की सत्यता का पता लगाने के लिए 10 सितंबर 2026 को संगरूर का दौरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि आयोग मृतक के परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करने और अनुसूचित जाति के सदस्यों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।





