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NHAI ने भविष्य के पेशेवर तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और समर्पित प्रशिक्षुता पोर्टल की शुरूआत की

भविष्य के पेशेवर तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर ‘एनएचएआई प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस पहल का मकसद इच्छुक पेशेवरों को देश के विशाल राष्‍ट्रीय राजमार्ग विकास इकोसिस्टम में वास्‍तविक दुनिया का व्‍यावहारिक अनुभव देना है। इस कार्यक्रम की शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और एनएचएआई के अध्‍यक्ष संतोष कुमार यादव ने एनएचएआई, शिक्षा मंत्रालय और एआईसीटीई के वरिष्‍ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शुरूआत की।

इस पहल को ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने और इसमें पारदर्शिता लाने के लिए, एनएचएआई ने एक खास इंटर्नशिप पोर्टल भी शुरू किया है जो एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा और देश भर में 150 से ज़्यादा बड़ी राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में प्रशिक्षण के मौके देगा। हर परियोजना में चार प्रशिक्षु रखे जाएँगे, जिससे देश भर के आईआईटी, एनआईटी और एआईसीटीई से जुड़े संस्थानों के लगभग 600 छात्रों का शुरुआती पूल बनेगा। प्रशिक्षण पोर्टल एक महीने, दो महीने और छह महीने के प्रोग्राम देता है, जो अलग-अलग एकेडमिक और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से हैं। इस प्रोग्राम के तहत चुने गए सभी इंटर्न को सीखने, आने-जाने और प्रोफेशनल ग्रोथ में मदद के लिए हर महीने ₹20,000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की शुरूआत की है, जो एक्सपेरिमेंटल लर्निंग, इंडस्ट्री एक्सपोज़र को बढ़ावा देती है और लचीले पाठ्यक्रम और क्रेडिट लिंक्ड इंटर्नशिप के साथ-साथ अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के आखिरी साल में लंबी अवधि की इंटर्नशिप देकर रोज़गार के मौके बढ़ाती है। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना के साथ, इंटर्नशिप प्रोग्राम को ऑब्ज़र्वेशनल लर्निंग से आगे बढ़ने के लिए बनाया गया है। प्रशिक्षु परियोजनाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे, जिससे उन्हें राष्‍ट्रीय राजमार्ग विकास के तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े पहलुओं के लिए क्रियाशील माहौल मिलेगा। यह कार्यक्रम राष्‍ट्रीय राजमार्ग की प्लानिंग, इंजीनियरिंग और ज़मीन पर उन्हें कैसे लागू किया जाता है, इसकी गहरी जानकारी और प्रैक्टिकल अनुभव देगा।

हालांकि मुख्य फोकस सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों पर होगा, लेकिन आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग स्ट्रीम के छात्रों के लिए भी मौके उपलब्ध हैं, खासकर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन जैसे एडवांस्ड डोमेन में।

इस कार्यक्रम के तहत दिए गए ‘ शीतकालीन प्रशिक्षण’ को करीब 250 छात्रों की भागीदारी के साथ अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इस पहल के तहत, स्‍नातक इंजीनियरिंग छात्रों के लिए छह महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जो 19 जनवरी 2026 से शुरू होगा। खास बात यह है कि छह महीने के फाइनल ईयर अंडर-ग्रेजुएट इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए पहले ही करीब 500 आवेदन मिल चुके हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में स्‍नातकोत्‍तर छात्रों के लिए भी बढ़ाया जाएगा।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनएचएआई का कौशल विकास पर लगातार फोकस दिखाता है, जिसका मकसद एक मजबूत टैलेंट इकोसिस्टम बनाना और अगली पीढ़ी के पेशेवरों को देश के बुनियादी ढांचा विकास में योगदान देने के लिए तैयार करना है।

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