NHRC ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से महाराष्ट्र के शहरों में बालिकाओं की बिक्री और तस्करी की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में प्रकाशित उस खबर पर संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं से लगे कई जिलों में बड़ी संख्या में नाबालिग बालिकाओं को उनके माता-पिता द्वारा 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक में बिचौलियों को बेचा जा रहा है।
इसके बाद बिचौलिए इन छोटी बच्चियों को गोद लिए हुए बच्चे दर्शाने वाले फर्जी दस्तावेजों की मदद से दूसरे स्थानों पर ले जाकर उनकी तस्करी करते है। वयस्क होने पर उनकी व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव करके उनकी पहचान छिपा दी जाती है और महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में देह व्यापार के लिए उन्हें 35 लाख रुपये से 40 लाख रुपये तक में बेच दिया जाता है।
आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो ये पीड़ित बालिकाओं के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाती है। इसलिए आयोग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी कर इस मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
30 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार माता-पिता गरीबी और अन्य कारणों से अपनी बच्चियों को बेच देते हैं। इस मीडिया रिपोर्ट में बालिकाओं की तस्करी की ऐसी चार विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख किया गया है।





