राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उस मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया है कि 18 मार्च 2026 को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में एक चार मंजिला इमारत में लगी आग में एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। मृतकों में तीन बच्चे और 70 वर्ष की एक महिला शामिल हैं। खबरों के अनुसार, दमकल कर्मियों की हाइड्रोलिक क्रेन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण बचाव कार्य में देरी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खराबी नहीं आई होती तो और अधिक जानें बचाई जा सकती थीं।
आयोग ने पाया है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा बनता है। इसलिए, आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में पीड़ितों और घायलों को मुआवजे के वितरण की स्थिति भी शामिल होनी चाहिए।
19 मार्च 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह आग सुबह लगभग 6:15 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। आग भूतल की एक दुकान से शुरू हुई और तेजी से ऊपर की आवासीय मंजिलों तक फैल गई। बताया जाता है कि स्थानीय लोगों ने घर की खिड़कियां और दीवारें तोड़कर फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ लोग घायल हो गए, क्योंकि वे या तो खुद भागने की कोशिश कर रहे थे या दूसरों को बचा रहे थे।
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