देश के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के वेकुटिया गांव के नंदीग्राम ब्लॉक में एक सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस के कारण दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई तथा एक ही परिवार के दो अन्य लोग घायल हो गए।
आयोग ने पाया है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री, यदि सत्य है, तो पीड़ितों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है। इसलिए, इसने पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट में मामले की जांच की स्थिति के साथ-साथ मृतक के परिजनों को दिए गए मुआवजे (यदि कोई हो) की जानकारी भी शामिल होने की उम्मीद है।
16 फरवरी, 2025 को मीडिया में आई रिपोर्ट के अनुसार, सेप्टिक टैंक को साफ करने के लिए सबसे पहले जिस व्यक्ति ने टैंक में प्रवेश किया था, उसने जहरीली गैस के कारण मदद के लिए पुकार लगाई। उसकी चीख सुनकर उसके परिवार के तीन सदस्य उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वे भी जहरीली गैस के कारण बेहोश हो गए। चारों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनमें से केवल दो ही बच पाए।
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