केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के दिल्ली दक्षिण आयुक्त कार्यालय की आयकर चोरी रोकने वाली शाखा के अधिकारियों ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) दावों के खिलाफ चल रहे अभियान के अंतर्गत, लौह व इस्पात के व्यापार में लगी एक कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। यह मामला लगभग 140.14 करोड़ रुपए के फर्जी चालानों के जरिए 25.22 करोड़ रुपए से अधिक के अमान्य आईटीसी के धोखाधड़ी से लाभ, उपयोग और हस्तांतरण से जुड़ा है।
जांच से पता चला कि कंपनी ने कई फर्मों की ओर से जारी किए गए बिलों के आधार पर अमान्य आईटीसी का लाभ उठाया था, जिनमें से कई फर्में अस्तित्वहीन, निष्क्रिय, निलंबित या रद्द पाई गईं। जमीनी स्तर पर सत्यापन से यह भी पता चला कि कुछ आपूर्तिकर्ताओं का उनके घोषित व्यापारिक जगहों पर कोई वास्तविक कारोबारी गतिविधि नहीं थी।
यह भी पता चला कि माल की वास्तविक प्राप्ति के बिना ही आईटीसी का लाभ उठाया गया था और माल की संबंधित आपूर्ति के बिना जारी किए गए चालानों के माध्यम से इसे विभिन्न प्राप्तकर्ताओं को हस्तांतरित कर दिया गया था।
जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 70 के तहत दर्ज किए गए बयानों के आधार पर आरोपी को 17.09.2026 को सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत गिरफ्तार किया गया और पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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