भारत

कोच्चि में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 का शुभारंभ हुआ, 26 देशों के 254 प्रतिभागी शामिल

दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में 20 जुलाई 2026 को चार-दिवसीय बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम, ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 शुरू हुआ। दक्षिणी नौसेना कमान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाली संयुक्त कार्य बल 154 (सीटीएफ 154) के तत्वावधान में संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसमें 26 देशों के 254 प्रतिभागी शामिल हैं, जिन्हें 74 प्रशिक्षकों, चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विषय विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त है।

यह अभ्यास भारत में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का पहला आयोजन है। भारतीय नौसेना और संयुक्त समुद्री बल के बीच बढ़ते सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

संयुक्त कार्य बल 154, जो सीएमएफ का समर्पित प्रशिक्षण कार्य बल है, वर्तमान में भारतीय नौसेना के नेतृत्व में है। बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण के माध्यम से संयुक्त समुद्री बल भागीदार देशों की क्षमता, अंतरसंचालनीयता और व्यावसायिक तत्परता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

उद्घाटन समारोह में सीटीएफ 154 के कमांडर कमोडोर मिलिंद एम मोकाशी ने प्रारंभिक भाषण दिया, संयुक्त समुद्री बल के उप कमांडर कमोडोर डैन थॉमस ने उद्घाटन भाषण दिया और दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय के मुख्य स्टाफ अधिकारी (प्रशिक्षण) रियर एडमिरल दीपक सिंघल ने मुख्य भाषण दिया। इन भाषणों में समकालीन समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण, साझा शिक्षा और बहुराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर बल दिया गया।

पहले दिन का कार्यक्रम मुख्य रूप से जहाज प्रबंधन और विशेष प्रशिक्षण पर केंद्रित था जिसमें विषय विशेषज्ञों के साथ पेशेवर संवाद और व्यावहारिक अनुभव का संयोजन था। संयुक्त राष्ट्र मादक द्रव्यों और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) द्वारा आयोजित सत्र में लाल सागर और पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा खतरों पर चर्चा की गई। इसके बाद भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक सिमुलेटर और संबंधित प्रशिक्षण अवसंरचना का उपयोग करते हुए जहाज संचालन, नौवहन, खगोलीय नौवहन, समुद्री संकट संचार प्रणाली और क्षति नियंत्रण एवं अग्निशमन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

अगले तीन दिनों में, प्रतिभागी समकालीन समुद्री सुरक्षा के प्रमुख पहलुओं को कवर करने वाले पेशेवर सत्रों, सिम्युलेटर-आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक गतिविधियों के विविध कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह पहल क्षेत्रीय क्षमता निर्माण, अंतर-संचालनीयता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ भागीदार देशों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और मजबूत संबंधों को प्रोत्साहित करने में भारतीय नौसेना-संयुक्त समुद्री बल साझेदारी को दर्शाती है। दक्षिणी नौसेना कमान द्वारा ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस का संचालन क्षेत्र में पसंदीदा सुरक्षा और प्रशिक्षण भागीदार के रूप में भारतीय नौसेना की भूमिका को और मजबूत करता है।

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