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Organization of the BRICS India Innovates Exposition at Bharat Mandapam, New Delhi, on September 11–12, 2026, as part of the 18th BRICS Summit.
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के हिस्से के तौर पर 11-12 सितंबर, 2026 को ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपोज़िशन का आयोजन

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर, नई दिल्ली के भारत मंडपम में 11-12 सितंबर 2026 को ‘भारत इनोवेट्स एक्सपोज़िशन’ का आयोजन कर रहा है। इसका मकसद भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर 2026 को होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले और उसके साथ-साथ भारत के डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित करना है।

भारत इनोवेट्स केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसे भारतीय उच्च शिक्षा इकोसिस्टम से निकलने वाले नवाचारों के लिए एक वैश्विक गतिवर्धक के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। इसका मकसद भारत की नवाचार व्यवस्था (स्टार्टअप, उच्च शिक्षा संस्थान, लैब और रिसर्च पार्क) और वैश्विक हितधारकों (कॉरपोरेट, निवेशक, इनक्यूबेटर/एक्सेलेरेटर, विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, सरकारें और विदेशी पूर्व छात्र) के बीच दीर्घकालीन सहयोग कायम करना है।

भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स भारत इनोवेट्स (बीबीआई) प्रदर्शनी, 2026 में भारत के डीप-टेक स्टार्टअप्स की दूसरी बड़ी प्रदर्शनी है। इससे पहले भारत इनोवेट्स का पहला संस्करण 14-16 जून 2026 को नीस, फ्रांस में आयोजित किया गया था।

बीबीआई, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “मज़बूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण” के तहत भारत के 37 डीप-टेक स्टार्टअप/वेंचर को दिखा रहा है (ये उन 120 स्टार्टअप/वेंचर के ग्रुप का हिस्सा हैं, जिन्होंने बीआई2026, नीस में भाग लिया था)।

यह प्रदर्शनी 11 सितंबर 2026 को ब्रिक्स बिज़नेस फोरम के साथ आयोजित की जा रही है, जिससे भाग लेने वाले अन्वेषकों को ब्रिक्स सदस्य देशों के सीईओ, निवेशकों, बिज़नेस लीडर्स और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा। इससे B2B बातचीत, तकनीकी साझेदारी, निवेश पर चर्चा, बिज़नेस लिंकेज और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचने के अवसर मिलेंगे। यह प्रदर्शनी ब्रिक्स शिक्षा ट्रैक की प्राथमिकता “शोध, नवाचार और स्टार्टअप व्यवस्था को बेहतर बनाना” को भी आगे बढ़ाती है, जो भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत पहचाने गए पाँच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीबीआई एक्सपोजिशन में आने की उम्मीद है। ब्रिक्स नेताओं की बैठकों से जुड़े वरिष्ठ भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, साथ ही ब्रिक्स सदस्य देशों के सीईओ, निवेशक और वरिष्ठ बिज़नेस लीडर्स के भी 11-12 सितंबर 2026 को बीबीआई एक्सपोजिशन में आने की उम्मीद है।

इसमें हिस्सा लेने वाले स्टार्टअप्स/अन्वेषकों के लिए, बीबीआई एक्सपोजिशन घरेलू नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक और कूटनीतिक नतीजों में बदलने का एक हाई-प्रोफाइल मंच प्रदान करता है। इसमें ब्रिक्स सीईओ और निवेशकों तक सीधी पहुँच, राष्ट्राध्यक्षों/सरकार के प्रमुखों के सामने अपनी बात रखने का मौका, फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के सहयोग से आयोजित B2B बैठकें और स्ट्रक्चर्ड मैचमेकिंग और ब्रांड तथा कूटनीतिक विश्वसनीयता जैसे फायदे शामिल हैं।

भारत इनोवेट्स 2026 का पहला संस्करण भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत आयोजित किया गया था और इसका उद्घाटन संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम इमैनुएल मैक्रों ने किया था। तीन दिन के इस कार्यक्रम में 13 थीम वाले क्षेत्रों में भारत के शीर्ष 120 डीप-टेक स्टार्टअप्स/वेंचर्स और 15 संस्थानों (आईआईटी, आईआईएससी, बीआईआरएसी और iDex) को प्रदर्शित किया गया। इसमें 29 देशों के 2,000 से ज़्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 30 से ज़्यादा सहयोग समझौता ज्ञापन और साझेदारियां की गईं और 1,350 बी2बी बैठकों के बाद भारतीय स्टार्टअप्स/वेंचर्स ने 254.5 मिलियन यूएस डॉलर की फंडिंग की प्रतिबद्धता हासिल की।

ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपोज़िशन शिक्षा मंत्रालय की उन गतिविधियों को आगे बढ़ाता है, जो भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत की गई थीं। मंत्रालय ने भुवनेश्वर, ओडिशा में 7 अगस्त 2026 को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक और 5 अगस्त 2026 को शिक्षा पर ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की तीसरी बैठक आयोजित की थी। शिक्षा मंत्रियों की बैठक का समापन 13वें ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों के घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ। इस घोषणापत्र में सहयोग के पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें शुरुआती बचपन की देखभाल और शिक्षा तथा बुनियादी साक्षरता और संख्या-ज्ञान को मजबूत करना, कौशल विकास और टीवीईटी, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्ट-अप व्यवस्था, योग्यताओं की आपसी मान्यता और शैक्षणिक नेतृत्व तथा संस्थागत विकास के लिए क्षमता निर्माण शामिल हैं।

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