प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विश्व संस्कृत दिवस पर राष्ट्र को शुभकामनाएं दीं हैं। संस्कृत को ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक शाश्वत स्रोत बताते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में इसके स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विश्व के विद्वानों, छात्रों और उत्साही लोगों के समर्पण की सराहना की जो संस्कृत सीखने, पढ़ाने और उसे लोकप्रिय बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पिछले एक दशक में सरकार ने संस्कृत के शिक्षण और अनुसंधान को मज़बूत करने के लिए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों की स्थापना, संस्कृत शिक्षण केंद्र खोलना, संस्कृत विद्वानों को अनुदान देना और पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम मिशन शुरू करना जैसे कई कदम उठाए हैं ।
महाराष्ट्र के नागपुर में SBL एनर्जी लिमिटेड में हुए धमाके में 17 लोगों की मौत…
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार, चुनाव आयोग ने पश्चिम…
पश्चिम एशिया में भारतीय दूतावासों ने भारतीय नागरिकों से क्षेत्रीय स्थिति को देखते हुए दिशा-निर्देशों…
आईसीसी टी20 क्रिकेट विश्व कप में भारत का सामना आज वेस्टइंडीज से होगा। मैच भारतीय…
मौसम विभाग ने केरल, माहे, पश्चिम बंगाल के हिमालयी क्षेत्र और सिक्किम में आज बिजली…
पाकिस्तान सुपर-8 के मैच में श्रीलंका पर पांच रन से जीत हासिल करने के बावजूद…