प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विश्व संस्कृत दिवस पर राष्ट्र को शुभकामनाएं दीं हैं। संस्कृत को ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक शाश्वत स्रोत बताते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में इसके स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे विश्व के विद्वानों, छात्रों और उत्साही लोगों के समर्पण की सराहना की जो संस्कृत सीखने, पढ़ाने और उसे लोकप्रिय बनाने में लगे हुए हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पिछले एक दशक में सरकार ने संस्कृत के शिक्षण और अनुसंधान को मज़बूत करने के लिए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों की स्थापना, संस्कृत शिक्षण केंद्र खोलना, संस्कृत विद्वानों को अनुदान देना और पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए ज्ञान भारतम मिशन शुरू करना जैसे कई कदम उठाए हैं ।
लोकसभा ने कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को आगे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय…
इस्राएल ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं ईरान ने पश्चिम एशिया में अहम…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को चिंताजनक बताया और कहा कि…
आज विश्व मौसम दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष का विषय है आज का…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शहीद दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानियों भगत सिंह,…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महान समाजवादी नेता और चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की…