प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया।
हरित ऊर्जा और टिकाऊ भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के पास पुदीमदका में अत्याधुनिक एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ग्रीन हाइड्रोजन हब परियोजना की आधारशिला रखी, जो राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत पहला ग्रीन हाइड्रोजन केन्द्र है। इस परियोजना में लगभग ₹1,85,000 करोड़ का निवेश शामिल है। इसमें 20 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं में निवेश शामिल है, जो इसे भारत की सबसे बड़ी एकीकृत हरित हाइड्रोजन उत्पादन सुविधाओं में से एक बनाता है, जिसमें 1500 टीपीडी ग्रीन हाइड्रोजन और 7500 टीपीडी ग्रीन हाइड्रोजन डेरिवेटिव्स का उत्पादन करने की क्षमता है, जिसमें ग्रीन मेथनॉल, ग्रीन यूरिया और स्थायी विमानन ईंधन शामिल हैं, जो मुख्य रूप से निर्यात बाजार को लक्षित करते हैं। यह परियोजना 2030 तक भारत के 500 गीगावॉट के गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश में 19,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेलवे और सड़क परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, आधारशिला रखी और उद्घाटन किया, जिसमें विशाखापत्तनम में दक्षिण तटीय रेलवे मुख्यालय की आधारशिला रखना और अन्य अनेक परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से भीड़भाड़ कम होगी, संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्रीय सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा की अपनी कल्पना को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली में बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी। बल्क ड्रग पार्क हजारों रोजगार सृजित करेगा तथा विशाखापत्तनम-चेन्नई औद्योगिक गलियारा (वीसीआईसी) और विशाखापत्तनम-काकीनाडा पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र से निकटता के कारण आर्थिक विकास को गति देने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में चेन्नई बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत कृष्णपट्टनम औद्योगिक क्षेत्र (केआरआईएस सिटी) की आधारशिला भी रखी। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत एक प्रमुख परियोजना, कृष्णापटनम औद्योगिक क्षेत्र (केआरआईएस सिटी) को एक ग्रीनफील्ड औद्योगिक स्मार्ट सिटी के रूप में देखा जा रहा है। इस परियोजना से लगभग ₹10,500 करोड़ का महत्वपूर्ण विनिर्माण निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है और इससे लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है, जिससे आजीविका में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और क्षेत्रीय प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।
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