प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल नई दिल्ली में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी आधारित बहुआयामी मंच- प्रगति की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सड़क, रेलवे, बिजली, जल संसाधन और कोयला सहित विभिन्न क्षेत्रों की पांच महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं पांच राज्यों से जुडीं हैं और इनकी कुल लागत 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में, प्रगति के नेतृत्व वाले पारिस्थितिकी तंत्र ने 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति प्रदान करने में मदद की है।
2014 से अभी तक प्रगति के तहत 370 उत्तर परीयोजनाओं की समीक्षा की गई है। इन परीयोजनाओं से जुड़े तीन हजार पांच 62 मुड़दों में से दो हजार नौ सौ 58 मुड़दों का सामाधन किया जा चुका है, जो लगभग 94 प्रतिशत है आईएस पहल से परीयोजनाओं में होने वाली देरी लगत बढ़ने और आपसे समनवय की समस्याओं में काफी कमी आई है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा की जैसे–जैसे भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है प्रगति की प्रसंगइकता और भी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री ने कहा की विकसित भारत 2047 एक राष्ट्रीय संकल्प होने के साथ–साथ समयबद्ध लक्ष्य भी है और इसे हसिल करने में प्रगति एक सशक्त मध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा की आने वाले वर्षों में प्रगति को और मजबूत किया जना चाहिए। ताकि कार्य तेजी से हो, गुणवत्ता बेहतर हो और नगरिकों के लिए ठोस व मापने योग्य परिणाम सुनिश्चित किए जा सके।
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