प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शाम 4 बजे नागरिक उड्डयन पर आधारित दूसरे एशिया-प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भाग लेंगे। इस अवसर पर वह कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री सभी सदस्य देशों द्वारा “दिल्ली घोषणापत्र” को अपनाने की भी घोषणा करेंगे, जो क्षेत्र के विमानन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक दूरदर्शी रोडमैप है।
एशिया प्रशांत नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और सुरक्षा को आगे बढ़ाने की दिशा में यह सम्मेलन और दिल्ली घोषणापत्र को अपनाना एक अहम कदम है और इससे इस क्षेत्र के देशों के बीच मौजूद सहयोग की भावना उजागर होती है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन पर एशिया-प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का आयोजन, अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के सहयोग से कर रहा है। इस कार्यक्रम के ज़रिए पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र से परिवहन और विमानन मंत्री, नियामक निकाय और उद्योग विशेषज्ञ एक ही मंच पर एक साथ होंगे। सम्मेलन में बुनियादी ढांचे के विकास, स्थिरता और कार्यबल विकास जैसी प्रमुख चुनौतियों का समाधान निकालने पर ज़ोर दिया जाएगा। साथ ही इस दौरान सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बीच अधिक सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय नौसेना ने संयुक्त रूप से 21 फरवरी…
सरकार के क्षमता विकास आयोग (सीबीसी) ने आज वडोदरा में प्रशिक्षण संस्थानों के लिए सतत…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 मार्च 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से दो अमृत भारत एक्सप्रेस,…
वाणिज्यिक वाहन चालकों और फ्लीट संचालकों के लिए ‘आवागमन को सुगम बनाने’ की पहल के…
भारतीय रेलवे ने नेटवर्क के महत्वपूर्ण खंडों में संचालन को सुदृढ़ करने, लाइन क्षमता बढ़ाने…
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य देशों, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे तथा स्विट्जरलैंड…