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प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में वैश्विक नेताओं का स्वागत किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में विश्व भर के नेताओं, उद्योगपतियों, नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी को लेकर उत्‍साही व्‍यक्तियों का स्वागत किया।

“सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की थीम पर आधारित यह शिखर सम्मेलन, मानव-केंद्रित प्रगति और समावेशी विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित विभिन्न सेक्‍टरों में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिखर सम्मेलन में होने वाली चर्चाएं एआई के नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक विमर्श को समृद्ध करेंगी, जिससे एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य का निर्माण होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक एआई परिवर्तन में भारत के नेतृत्व पर बल दिया, जो इसकी 1.4 बिलियन की जनसंख्या, मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्‍टम और अत्याधुनिक अनुसंधान की शक्ति से प्रेरित है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एआई में भारत की प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है, जिसने देश को प्रौद्योगिकीय उन्नति में अग्रणी स्थान पर ला खड़ा किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक थ्रेड पोस्ट साझा करते हुए लिखा: “एआई पर चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया ए‍कत्रित है!”

आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट का आयोजन कर रहा है। मैं इस समिट में वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकीय को लेकर उत्‍साही व्‍यक्तियों का हार्दिक स्वागत करता हूं। समिट की थीम “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” है, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

“आज एआई स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई सेक्‍टरों में बदलाव ला रहा है। एआई इम्पैक्ट समिट एआई के विविध पहलुओं, जैसे नवाचार, सहयोग, जिम्मेदार उपयोग आदि पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा। मुझे विश्वास है कि शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक होंगे।”

उन्‍होंने कहा, “भारत की 1.4 बिलियन जनता की बदौलत हमारा देश एआई परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से लेकर एक जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्‍टम और अत्याधुनिक अनुसंधान तक, एआई में हमारी प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है।”

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