प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन का स्वागत किया है और इसे देश की स्वतंत्रता के बाद से सबसे व्यापक और प्रगतिशील श्रम-उन्मुख सुधारों में से एक बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सुधार श्रमिकों के अत्यधिक सशक्तिकरण के साथ ही नियमों का अनुपालन सरल बनाएंगे और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये चारों श्रम संहिताएं सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम और समय पर वेतन भुगतान, सुरक्षित कार्यस्थल और विशेषकर नारी शक्ति और युवा शक्ति सहित लोगों के लिए लाभकारी अवसर प्रदान करने के मज़बूत आधार बनेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये सुधार भविष्योन्मुखी पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करेंगे जिससे श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा होगी और भारत का आर्थिक विकास सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि ये सुधार रोज़गार सृजन को बढ़ावा देंगे, उत्पादकता बढ़ाएंगे और विकसित भारत की ओर अग्रसर देश की यात्रा को गतिमान बनाएंगे।
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