देश के आईटीआई इकोसिस्टम को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधान मंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन योजना (पीएम-एसईटीयू) के अंतर्गत गुजरात और आंध्र प्रदेश में सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के उन्नयन के लिए आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) के साथ साझेदारी में शेयरधारक समझौतों (एसए) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), गुजरात और आंध्र प्रदेश सरकारों और एएम/एनएस इंडिया के बीच समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे उक्त दो क्लस्टरों के लिए दोनों राज्यों में अनुमोदित रणनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
यह साझेदारी गुजरात के सूरत में स्थित पांच सरकारी आईटीआई के एक समूह और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित चार सरकारी आईटीआई के एक समूह को कवर करती है, जो पीएम-एसईटीयू के कार्यान्वयन में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसका उद्देश्य गहन उद्योग भागीदारी और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण अवसंरचना के माध्यम से भारत के आईटीआई इकोसिस्टम को बदलना है।
शेयरधारक समझौतों पर हस्ताक्षर होने से औपचारिक रूप से वह ढांचा स्थापित हो गया है जिसके तहत उद्योग भागीदार, भारत सरकार और संबंधित राज्य सरकारें अनुमोदित परियोजनाओं को लागू करने के लिए मिलकर काम करेंगी। आईटीआई क्लस्टरों के उन्नयन और संचालन के प्रबंधन के लिए समर्पित विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) स्थापित किए जाएंगे, जिसमें एएम/एनएस इंडिया की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि भारत सरकार और संबंधित राज्य सरकारों की 24.5 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी होगी।
इस अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि इन समझौतों पर हस्ताक्षर करना अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि हमारे आईटीआई के लिए एक परिवर्तनकारी यात्रा का आरंभ है। हाल ही में शंघाई में आयोजित वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारत ने विश्व के शीर्ष 10 अग्रणी संस्थानों में स्थान प्राप्त किया है, इसलिए अब हमें पीएम-एसईटीयू संस्थानों और आकांक्षी संस्थानों को उत्कृष्टता के केंद्र बनाने का प्रयास करना चाहिए जो भविष्य के वर्ल्डस्किल्स चैंपियनों का तैयार करें। हमारा लक्ष्य केवल अवसंरचना का उन्नयन करना ही नहीं, बल्कि कौशल विकास प्रणाली में आकांक्षाओं, गुणवत्ता और परिणामों को बेहतर बनाना है।
भविष्य के लिए तैयार कौशल हेतु उद्योग-अकादमिक सहयोग
एएम/एनएस इंडिया इस परियोजना को अपने शैक्षणिक और तकनीकी साझेदार न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएएमटेक) के सहयोग से कार्यान्वित करेगा। एएम/एनएस इंडिया अपनी व्यापक विनिर्माण विशेषज्ञता और उद्योग संबंधी जानकारियों का योगदान देगा, जबकि एनएएमटेक पाठ्यक्रम संवर्धन, प्रशिक्षण वितरण में सुधार, संकाय विकास और शैक्षणिक नवाचार में सहयोग प्रदान करेगा।
योजनाबद्ध उपायों में निम्नलिखित शामिल हैं:
इन उपायों से आईटीआई स्नातकों के बीच प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार क्षमता और उद्योग के लिए तत्परता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
पीएम-एसईटीयू के अंतर्गत प्रमुख उद्योग प्रतिबद्धता
सूरत और विशाखापत्तनम क्लस्टरों के लिए कुल मिलाकर लगभग 440 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है, जिसमें सूरत क्लस्टर के लिए 240 करोड़ रुपये और विशाखापत्तनम क्लस्टर के लिए 200 करोड़ रुपये शामिल हैं।
गौरतलब है कि एएम/एनएस इंडिया के नेतृत्व वाली परियोजनाएं पीएम-एसईटीयू योजना के अंतर्गत अब तक स्वीकृत सबसे बड़ी उद्योग प्रतिबद्धताओं में से एक हैं, जो इस योजना के अंतर्गत पहली 14 रणनीतिक निवेश योजनाओं (एसआईपी) में प्रस्तावित निवेश की कुल स्वीकृत राशि 3,446 करोड़ रुपए में से है।
पीएम-एसईटीयू के बारे में
पीएम-सेतु भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका कुल परिव्यय 60,000 करोड़ रुपए है। इसका उद्देश्य मजबूत उद्योग साझेदारी और संस्थागत सुधारों के माध्यम से देश के व्यावसायिक शिक्षा इकोसिस्टम को रूपांतरित करना है। इस योजना में देशभर के 1,000 सरकारी आईटीआई का उन्नयन और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) को सुदृढ़ करना शामिल है।
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