औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को रूपांतरित करने के लिए शुरू की गई पीएम-सेतु योजना का एक वर्ष पूरा
पीएम-सेतु योजना का आज एक वर्ष पूरा हो गया है। इस योजना के अंतर्गत उन्नत आई.टी.आई. के माध्यम से कौशल विकास और रोजगार की संभावना मजबूत हुई है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की यह योजना पिछले वर्ष आज ही के दिन शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य शासन में उद्योग की भागीदारी मजबूत करना, प्रशिक्षण व्यवस्था बेहतर बनाना और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना है।
इस योजना का उद्देश्य सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, आईटीआई को आधुनिक और उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है। योजना के तहत आईटीआई में प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, साथ ही युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी व्यवहारिक कौशल देने पर जोर दिया जा रहा है। पीएम सेतु योजना के लिए कुल साठ हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र सरकार तीस हजार करोड़, राज्य सरकार बीस हजार करोड़ और उद्योग जगत दस हजार करोड़ रुपए का योगदान देगा। देश में सरकारी और निजी आईटीआई की संख्या 2014 में नौ हजार से अधिक थी जो 2026 में बढ़कर तेरह हजार से ज्यादा हो गई है। पीएम सेतु योजना के तहत अब तक 850 आईटीआई को चुना गया है। इनमें 172 हब आईटीआई और 678 स्पोक आईटीआई शामिल हैं। योजना के तहत 200 आईटीआई क्लस्टर में इसे देशभर में लागू करने की मंजूरी दी गई है। चौदह आईटीआई क्लस्टर के लिए 3,446 करोड़ रुपए से अधिक की निवेश योजना को मंजूरी मिल चुकी है।





