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Power Finance Corporation announces its financial results for the financial year 2023-24
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पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने आज, 15 मई, 2024 को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

समेकित वित्तीय विवरण

  • पीएफसी समूह ने 25 प्रतिशत वृद्धि के साथ उच्चतम वार्षिक कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया– वित्‍तीय वर्ष ‘23 में 21,179 करोड़ रुपये से वित्‍तीय वर्ष‘24 में 26,461 करोड़ रुपये।
  • पीएफसी समूह भारत में सबसे बड़ा एनबीएफसी समूह बना हुआ है, जिसका कुल व्यवसाय वित्तीय वर्ष ’24 में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक है- वर्तमान में इसका व्यवसाय 10.39 लाख करोड़ है।
  • 31 मार्च 2023 को 8,57,500 करोड़ रुपये समेकित ऋण परिसंपत्ति बुक में दर्ज थी, जो 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 31 मार्च 2024 को 9,90,824 करोड़ रुपये हो गई।
  • 31 मार्च 2023 को समेकित व्यवसाय (गैर-नियंत्रित ब्याज सहित) 1,11,981 करोड़ रुपये था, जो 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 31 मार्च 2024 को 1,34,289 करोड़ रुपये हो गई।
  • समेकित सकल एनपीए लगभग 3 प्रतिशत तक चला गया है और वित्तीय वर्ष ‘24 में 3.02 प्रतिशत है, जो वित्तीय वर्ष ‘23 में 3.66 प्रतिशत था।
  • सक्रिय समाधान प्रयासों के कारण, समेकित शुद्ध एनपीए वित्तीय वर्ष ‘23 में 1.03 प्रतिशत से वित्तीय वर्ष ‘24 में अपने न्यूनतम स्तर 0.85 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

स्टैंडअलोन वित्तीय विवरण

  • पीएफसी अब भारत में सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली एनबीएफसी है, जिसके स्टैंडअलोन कर पश्चात लाभ में 24 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करने के बाद वित्तीय वर्ष ’23 में 11,605 करोड़ रुपये से वित्तीय वर्ष ’24 में 14,367 करोड़ रुपये हो गई है।
  • वित्‍तीय वर्ष’24 की चौथी तिमाही कर पश्चात लाभ वित्‍तीय वर्ष ’23 की चौथी तिमाही की तुलना में 18 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 3,492 करोड़ रुपये से 4,135 करोड़ रुपये हो गया।
  • वित्‍तीय वर्ष ’24 की चौथी तिमाही में बोर्ड द्वारा 2.50 रुपये प्रति शेयर फाइनल डिविडेंट प्रस्तावित किया गया। इसके साथ ही, पीएफसी ने वित्तीय वर्ष ‘24 के लिए 13.50 रुपए प्रति शेयर लाभांश दिया है।
  • ऋण परिसंपत्ति बुक में 14 प्रतिशत की दोहरे अंक की वृद्धि देखी गई- 31 मार्च 2023 को 4,22,498 करोड़ रुपये थी, जो 31 मार्च 2024 को 4,81,462 करोड़ रुपये हो गई।
  • रिन्‍यूएबल ऋण पुस्तिका में वर्ष दर वर्ष 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, रिन्‍यूएबल ऋण पोर्टफोलियो 60K को पार कर गया है और अभी 60,208 करोड़ रुपए पर है। पीएफसी भारत में सबसे बड़ा रिन्‍यूएबल ऋणदाता बना हुआ है।
  • पीएफसी ने ठीकठाक पूंजी पर्याप्तता स्तर बनाए रखना जारी रखा है। 31 मार्च, 2024 को पूंजी से जोखिम (भारित) परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) 25.41 प्रतिशत है, टियर-1 कैपिटल 23.18 प्रतिशत है, जो नियामक सीमा से काफी ऊपर है।
  • 31 मार्च 2023 को व्यवसाय 68,202 करोड़ रुपये था, जो 16 प्रतिशत की वृद्धि के बाद 31 मार्च 2024 को 79,203 करोड़ रुपये हो गया।
  • परिसंपत्ति की गुणवत्ता में और सुधार हुआ है, शुद्ध एनपीए अनुपात पिछले 6 वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो वित्तीय वर्ष ‘23 में 1.07 प्रतिशत था, जो वित्तीय वर्ष ‘24 में घटकर 0.85 प्रतिशत हो गया है। एक वर्ष से अधिक समय में कोई नया एनपीए नहीं जोड़ा गया। वित्तीय वर्ष ‘24 के लिए सकल एनपीए 3.34 प्रतिशत है, जो वित्तीय वर्ष ‘23 के 3.91 प्रतिशत से 57 आधार अंक कम है।

प्रबंधन टिप्पणियां

पीएफसी के प्रदर्शन पर, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक परमिंदर चोपड़ा ने साझा किया कि पीएफसी समूह भारत में सबसे बड़ा एनबीएफसी समूह बना हुआ है और समेकित और स्टैंड-अलोन आधार पर भारत का सबसे अधिक लाभ कमाने वाला एनबीएफसी भी है।

पीएफसी ने वित्‍तीय वर्ष ’24 में रिकॉर्ड मुनाफा हासिल किया। लाभ 24 प्रतिशत बढ़कर 14,367 करोड़ रुपये हो गया। इस मजबूत प्रदर्शन को मजबूत परिसंपत्ति गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए ऋण पोर्टफोलियो में 14 प्रतिशत की वृद्धि का समर्थन प्राप्त है। शुद्ध एनपीए का स्तर पिछले वित्तीय वर्ष में 1.07 प्रतिशत से घटकर वर्तमान में 0.85 प्रतिशत हो गया है।

शेयरधारक मूल्य को अधिकतम करना कंपनी के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। आज बोर्ड द्वारा प्रस्तावित फाइनल डिविडेंड 2.50 रुपये प्रति शेयर के साथ, वित्तीय वर्ष ‘24 के लिए कुल लाभांश 13.50 रुपये प्रति शेयर होगा।

वित्तीय क्षेत्र से परे, पीएफसी भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में अग्रणी है। भारत में अग्रणी नवीकरणीय ऋणदाता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए, इसका नवीकरणीय ऋण पोर्टफोलियो साल दर साल 25 प्रतिशत बढ़कर 60,000 करोड़ रुपए से अधिक हो गया।

भविष्य को देखते हुए, पीएफसी बिजली और बुनियादी ढांचे में बहुत अच्‍छी वृद्धि देख रहा है और ये भारत के भविष्य के विकास में एक सक्रिय भागीदार बनने की स्थिति में है।

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