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President Draupadi Murmu attended the closing ceremony of the Diamond Jubilee of the Bharat Scouts and Guides and addressed its 19th National Jamboree in Lucknow.
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लखनऊ में भारत स्काउट्स और गाइड्स के हीरक जयंती के समापन समारोह में भाग लिया और इसकी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी को संबोधित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारत स्काउट्स और गाइड्स के हीरक जयंती के समापन समारोह में भाग लिया और इसकी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी को संबोधित किया।

इस अवसर पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि पिछले 75 वर्षों से भारत स्काउट्स और गाइड्स युवाओं का मार्गदर्शन कर रहा है और उन्हें राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि सेवा की भावना स्काउट्स और गाइड्स की सबसे बड़ी ताकत है। चाहे बाढ़ हो, भूकंप हो या कोई महामारी, स्काउट्स और गाइड्स हमेशा सहायता के लिए सबसे आगे रहते हैं। इस संगठन की एक और विशेषता राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने युवाओं को सशक्त, संवेदनशील और देश के भविष्य के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध बनाने हेतु भारत स्काउट्स और गाइड्स की सराहना की।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में 63 लाख से अधिक स्काउट्स और गाइड्स हैं, जो भारत स्काउट्स और गाइड्स को दुनिया के सबसे बड़े स्काउट्स और गाइड्स संगठनों में से एक बनाता है। उन्हें यह जानकर प्रसन्‍नता हुई कि इस संगठन से 24 लाख से अधिक लड़कियां जुड़ी हैं। उन्होंने अनुशासन, समर्पण और समाज व मानवता के कल्याण का मार्ग चुनने के लिए उन सभी लड़कियों की सराहना की।

राष्ट्रपति ने कहा कि स्काउट्स और गाइड्स का आदर्श वाक्य “तैयार रहो” है। इसका मतलब है कि भविष्य में आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने स्काउट्स और गाइड्स को सलाह दी कि वे दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ बिना किसी हिचकिचाहट के किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता विकसित करें। उन्होंने कहा कि चाहे वह तकनीकी कौशल हो, संचार कौशल हो, टीम समन्वय हो, समस्या-समाधान कौशल हो या नेतृत्व क्षमता हो, ये सभी उनके जीवन में मददगार साबित होंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि राष्‍ट्र के युवा इस देश के भविष्य के निर्माता होने के साथ-साथ इसकी महान सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत परंपराओं के संरक्षक भी हैं। एक सशक्त और संवेदनशील व्यक्ति कई अन्य लोगों को सशक्त और संवेदनशील बना सकता है, ठीक वैसे ही जैसे एक दीपक कई अन्य दीपकों को जलाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा हमारे राष्ट्र के विकास के लिए खुद को समर्पित करेंगे।

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