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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्‍यू का अवलोकन किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्‍यू का अवलोकन किया। इंटरनेशनल फ्लीट रिव्‍यू 2026 में 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं।

राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्‍यू समुद्री परंपराओं के प्रति राष्ट्रों की एकता, विश्वास और सम्मान को दर्शाती है। विभिन्न ध्वजों वाले जहाज और विभिन्न देशों के नाविक एकजुटता की भावना का प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एकजुटता की यह भावना इस रिव्‍यू की थीम: यूनाइटेड थ्रू ओशंस में बखूबी समाहित है। यह वैश्विक समुदाय को एक सकारात्मक संदेश है कि इस सामूहिक नौसैनिक शक्ति की प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प सभी चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर सकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सामुद्रिक‍ कार्य क्षेत्र सहित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रति भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के हमारे आदर्शों से प्रेरित है। यह दृष्टिकोण इस ज्ञान को दर्शाता है कि वैश्विक सुरक्षा और विकास, स्थिरता और स्थायित्व साझेदारी के माध्यम से ही संभव हैं। साझेदारी की यह भावना एक स्थायी वैश्विक व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए, भारत का मानना ​​है कि एक सुदृढ़ समुद्री व्यवस्था समान विचारधारा वाले साझेदारों के बीच सामूहिक जिम्मेदारी और सहयोगात्मक कार्रवाई पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह फ्लीट रिव्‍यू भारत के ‘महासागर’ के विज़न को भी आगे बढ़ाती है, जिसका अर्थ है ‘क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति’।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और व्यापक समुद्री क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में तत्पर है। क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना की इकाइयाँ समुद्र में उत्पन्न होने वाले खतरों और चुनौतियों के विरुद्ध प्रतिरोध और रक्षा के विश्वसनीय साधन के रूप में कार्य करती हैं। मानवीय संकटों और प्राकृतिक आपदाओं के समय भारतीय नौसेना अक्सर सबसे पहले सहायता प्रदान करती है, करुणा और दक्षता के साथ त्वरित सहायता प्रदान करती है। भारतीय नौसेना विश्वभर की नौसेनाओं के साथ सद्भावना को बढ़ावा देने तथा विश्वास, भरोसे और मित्रता के सेतु बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

राष्ट्रपति ने मित्र देशों की विदेशी नौसेनाओं के अधिकारियों और नौसैनिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने देशों और सेवाओं की सर्वोत्तम परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका अनुशासन, समर्पण और सक्षमता वे आधारशिलाएं हैं जिन पर सामूहिक समुद्री सुरक्षा टिकी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि फ्लीट रिव्‍यू में उनकी उपस्थिति ने हमारे विश्वास के बंधन को और मजबूत किया है और समुद्र में शांति, स्थिरता और सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस फ्लीट रिव्‍यू में प्रतिनिधित्व करने वाली सभी नौसेनाएं मिलकर महासागरों को वैश्विक समुदाय के विकास, समृद्धि और समग्र कल्याण के द्वार के रूप में विकसित करने में योगदान देंगी।

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