राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हिसार में ब्रह्माकुमारी की स्वर्ण जयंती पर आज राज्य स्तरीय अभियान ‘समग्र कल्याण के लिए आध्यात्मिक शिक्षा’ का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि आध्यात्मिकता मानव निर्मित सीमाओं से ऊपर उठकर सम्पूर्ण मानवता को एक करती है। आध्यात्मिकता पर आधारित सामाजिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक या अन्य किसी भी प्रकार की व्यवस्था नैतिक और टिकाऊ बनी रहती है। जो व्यक्ति आध्यात्मिक चेतना को सदैव जागृत रखता है, वह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य तथा आंतरिक शांति का अनुभव करता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि जो व्यक्ति आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है, वह दूसरों के जीवन को भी सकारात्मक ऊर्जा से समृद्ध करता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आध्यात्मिक शांति की वास्तविक उपयोगिता एकाकी रहने में नहीं है। इसका उपयोग स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज और राष्ट्र के निर्माण में किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि ब्रह्माकुमारी संस्था आध्यात्मिक ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र और समाज के लाभ के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि यह संस्था मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अभियान, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई सामाजिक और राष्ट्रीय पहलों में योगदान दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ब्रह्माकुमारी परिवार आध्यात्मिकता के बल पर लोगों के समग्र स्वास्थ्य और देश के समग्र विकास में योगदान देता रहेगा।
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