राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज लद्दाख में सियाचिन बेस कैंप का दौरा किया और सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों और अधिकारियों से बातचीत की।
द्रौपदी मुर्मु ने सैनिकों को संबोधित करते हुए चुनौतीपूर्ण और विषम परिस्थितियों में राष्ट्र की रक्षा करने के लिए उनकी बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने वहां तैनात सैनिकों के परिवारों और रिश्तेदारों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने सियाचिन बेस युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम और राम नाथ कोविंद के बाद सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करने वाली द्रौपदी मुर्मु तीसरी राष्ट्रपति हैं।
काराकोरम रेंज में स्थित सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है और भारतीय सेना अप्रैल 1984 में चलाए गए ऑपरेशन मेघदूत के बाद से इसकी रक्षा कर रही है।
जापान के आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों का भव्य उद्घाटन आज भारतीय समयानुसार दोपहर ढाई…
अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने बताया है कि अमरीका ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य…
ओडिशा में आज शाम उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे इलाकों में कम दबाव का…
भारत को स्वीडिश चैंबर ऑफ कॉमर्स इन इंडिया के नवीनतम बिजनेस क्लाइमेट सर्वे में 41…
भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की वार्ता को गति देने की प्रतिबद्धता…
वर्ष 2025-26 में भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात वार्षिक आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 221…